38.5 लाख के चेक बाउंस मामले में मोहाली की फर्म मालिक दोषी करार, 8 साल बाद आया अदालत का फैसला
- By Gaurav --
- Thursday, 12 Mar, 2026
Mohali firm owner found guilty in 38.5 lakh cheque bounce case, court verdict
करीब आठ साल तक चले ट्रायल के बाद जिला अदालत ने 38.5 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में मोहाली की एक फर्म की प्रोप्राइटर और उसके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता को दोषी करार दिया है। अदालत ने यह फैसला 6 मार्च 2026 को सुनाया।
यह मामला एम/एस करंस मार्केटिंग के प्रोप्राइटर संजीव बांका द्वारा नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत दायर शिकायत पर आधारित था। शिकायत में बताया गया कि उनकी फर्म इलेक्ट्रिकल सामान और डी डब्ल्यू सी पाइप का कारोबार करती है और मोहाली स्थित एम/एस स्वास्तिका एंटरप्राइजेज के साथ उनका व्यावसायिक लेन-देन था।
अधिवक्ता हरीश छाबड़ा के अनुसार, स्वास्तिका एंटरप्राइजेज की प्रोप्राइटर सुनीता ठाकुर टेलीकॉम परियोजनाओं में ओएफसी केबल बिछाने के काम के लिए सामान उधार पर खरीदती थीं। दोनों फर्मों के बीच रनिंग अकाउंट चलता था और समय के साथ बकाया राशि बढ़ती चली गई।
शिकायत के अनुसार, कुल देनदारी 38,50,038 रुपये हो गई थी। इस राशि के भुगतान के लिए आरोपियों ने 21 अप्रैल 2017 को 38.5 लाख रुपये का चेक जारी किया, जो मोहाली स्थित आईसीआईसीआई बैंक की शाखा का था। जब चेक को बैंक में प्रस्तुत किया गया तो वह “फंड्स इंसफिशिएंट” टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने नियमानुसार 15 दिनों के भीतर भुगतान की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन आरोपियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके चलते मामला अदालत में दायर किया गया।
ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि चेक एक खाली सिक्योरिटी चेक था और दोनों पक्षों के बीच खातों का निपटारा पहले ही हो चुका था। हालांकि अदालत ने माना कि आरोपी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत यह साबित नहीं कर सके कि चेक वैध देनदारी के भुगतान के लिए जारी नहीं किया गया था।
अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता बकाया राशि और चेक के अनादर को साबित करने में सफल रहा है। इसके आधार पर अदालत ने एम/एस स्वास्तिका एंटरप्राइजेज की प्रोप्राइटर सुनीता ठाकुर और उसके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता प्रवीण कुमार ठाकुर को दोषी करार दिया।
अदालत ने सजा की अवधि तय करने से पहले दोषियों को अलग से सुनवाई के लिए तलब करने के निर्देश दिए हैं।